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“द डेन”वेरोनिका का डेन बाज़ार चौक के किनारे स्थित है
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— एक सराय जो शहर से भी पुरानी महसूस होती है। दरवाज़े के ऊपर लटका लकड़ी का बोर्ड टेढ़ा झूलता है, हवा में डोलता हुआ, उसकी पेंट वर्षों के तूफ़ानों और नशे में धुत मुट्ठियों की मार से उखड़ी हुई।
अंदर, सराय गर्म है —
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शोर और तनाव से भरी एक धुंधली, संकरी गुफा जैसी जगह। लोहे के हुकों से लटके लालटेन कमरे में असमान एम्बर रोशनी फैलाते हैं। हवा में सेब की साइडर, भुनी हुई जड़ों, पसीने और पुराने देवदार की गंध घुली है।
फ़र्श की लकड़ियाँ हर कदम पर चरमराती हैं, कुछ जगहों पर चिपचिपी —
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जहाँ गिरा हुआ ऐल कभी पूरी तरह सूखा ही नहीं।भीड़ यात्रियों, स्थानीय लोगों, फुसफुसाहटों, बहिष्कृतों और ड्यूटी से भागते सैनिकों का मिश्रण है।
हर कोई हर किसी को देख रहा है।और जैसे ही कैथरीन अंदर आती है —
हर कोई उसे देखता है।ट्रेवेन का प्रवेशकुछ मिनट बाद ट्रेवेन सराय में प्रवेश करता है।
दरवाज़े की दहलीज़ पार करते ही वह सब कुछ एक नज़र में देख लेता है।बाईं दीवार पर फैला लंबा बार —
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वर्षों की कोहनियों से चमका हुआ।
बारटेंडर के पीछे लाल बेरी जूस और सस्ते शराब की बोतलें चमकती हुई।
धुँधली खिड़कियों के पास बैठे बूथों में महिलाएँ फुसफुसाती हुई।
पुरुष अपने पेयों पर झुके हुए, कैथरीन को न देखने का नाटक करते हुए।और फिर वह उसे देखता है।वह बार पर है
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— हरी, लहराती ड्रेस में।
उसके लाल, जंगली, घुँघराले बाल।
गाल साइडर से गुलाबी।
वह काउंटर पर झुकी हुई है, किसी ऐसी बात पर हँस रही है जो शायद सिर्फ़ उसे ही मज़ेदार लगती है।कुछ लोग उसे चिंता से देखते हैं।
कुछ क्रूरता से।ट्रेवेन दोनों प्रतिक्रियाएँ देखता है।वह दहलीज़ से आगे नहीं बढ़ता।
बस खड़ा रहता है — शांत, अनपढ़ा जा सकने वाला, गणनात्मक।तभी उसके पीछे दरवाज़ा ज़ोर से खुलता है —
और पूरी सराय हिल जाती है।कैथरीन — अराजकता की चिंगारीकैथरीन आधी साइडर ख़त्म कर चुकी है।
उसकी चाल ढीली, मुस्कान चमकीली और लापरवाह।
बाल उलझे हुए, हँसी के साथ उछलते हुए।कैथरीन (छेड़खानी भरी, नशे में):
“एक और सेब वाली साइडर दे दो, चलेगा?”बारटेंडर गंदा गिलास पोंछता है, उसकी नज़रें दरवाज़े की ओर फिसलती हैं।
उसे मुसीबत पहचानने में देर नहीं लगती।
कैथरीन को परवाह नहीं।
या शायद — उसे परवाह ही नहीं करनी।तीन आदमी अंदर घुसते हैं —
झबरीली दाढ़ियाँ, डाकू जैसे, इतने शोर से कि छत से धूल झड़ जाए।
खिड़की के पास बैठी महिलाएँ हाँफ उठती हैं।
एक कुर्सी खिसकती है।कोई बड़बड़ाता है,
“फिर से नहीं…”आदमी:
“वो रही वो औरत जिसने मेरे पैसे चुराए थे, अर्ल!”अर्ल:
“हरामज़ादी!”ट्रेवेन का हाथ धीरे‑धीरे उसकी छुरी की ओर जाता है।
वह पलक भी नहीं झपकाता।अर्ल कैथरीन का कंधा पकड़कर उसे घुमाता है —
और वह तुरंत बोतल उसके सिर पर तोड़ देती है।काँच बिखर जाता है।
अर्ल एक घुटने पर गिरता है, कराहता हुआ।कैथरीन:
“मुझसे हाथ हटाओ, तुम नशे में धुत मूर्ख!”बाकी दो आदमी उसे पकड़ लेते हैं —
एक पैरों से, एक कंधों से।
वह लात मारती है, चिल्लाती है।गुंडा (हँसते हुए):
“चल मेरे साथ! अब हिसाब चुकाने का समय है!”ट्रेवेन — तूफ़ान का मौन केंद्रट्रेवेन आगे बढ़ता है।वह अपने कूल्हे मोड़ता है —
और एक ऐसा दायाँ मुक्का मारता है कि आदमी वहीं ढेर हो जाता है।
बेहोश।
ज़मीन पर गिरने से पहले ही।कैथरीन के पैर आज़ाद हो जाते हैं।आदमी:
“अरे! इसका तुमसे कोई लेना‑देना नहीं!”कैथरीन, पीछे से गला दबाए हुए,
अपना पैर पीछे झुलाती है —
सीधा कमर के बीचों‑बीच।आदमी कराहते हुए गिर जाता है, दोनों हाथों से खुद को बचाते हुए।ट्रेवेन की आँखें फैलती हैं।
कैथरीन बार की ओर दौड़ती है, दूसरी बोतल उठाती है, घूमती है —
और एक घूमती हुई किक उसके गले पर मारती है।
वह ज़मीन पर ढेर।वह अर्ल के सिर पर एक और बोतल तोड़ती है।धड़ाम्म्म—खामोशी।कैथरीन अपनी साइडर उठाती है,
एक ही घूँट में ख़त्म करती है,
ऐल उसकी गर्दन पर बहती हुई।वह खाली मग बारटेंडर की ओर उछालती है।
फिर ट्रेवेन के बिल्कुल सामने आकर रुकती है।कैथरीन (साँसें तेज़, मुस्कुराते हुए):
“मदद के लिए शुक्रिया…
अब ज़रा इसका बिल चुका देना, हाँ?”वह बाहर चली जाती है।ट्रेवेन एक चाँदी का सिक्का बार पर फेंकता है।
बारटेंडर उसे बिजली की तरह पकड़ लेता है।बाहर — धूल, घोड़ा, और ग़ुस्साबाहर, कैथरीन लाल घोड़ी पर बैठे लूथरन के पीछे कूद जाती है।लूथरन (ग़ुस्से में):
“मैंने कहा था — सराय में नहीं जाना!”घोड़ा धूल उड़ाते हुए दौड़ पड़ता है।
ट्रेवेन वहीं खड़ा रह जाता है —
मंत्रमुग्ध।बारटेंडर बाहर आता है,
अब भी वही गंदा गिलास पोंछते हुए।बारटेंडर (सीटी बजाते हुए):
“इस जगह का हाल तब से बिगड़ गया है
जब से बहिष्कृत लोग यहाँ आने लगे…कम से कम कुछ अच्छे लोग तो अब भी बचे हैं।”ट्रेवेन:
“वेरोनिका को सुरक्षा रखनी चाहिए।”बारटेंडर (नाक चढ़ाते हुए):
“हाँ, ज़रूर।”ट्रेवेन लाल जूस की बोतल उठाता है
और लॉज की ओर वापस चलता है।
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— दृश्य धुंधला पड़ता है —49Please respect copyright.PENANAeKoxqVvRvm

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